हमारे बारे में

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का गठन सन् 1904 में रामनवमी के पावन अवसर पर ग्राम कूँरा ( धरसींवा ) के अमराई में हुआ। तब इसका नाम मनवा मण्डली धर्म निर्णय समाज रखा गया था। प्रारंभ में संगठन के अध्यक्ष को सभापति कहा जाता था प्रत्येक वर्ष सभा पति का चुनाव होता था।

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज - विश्वास संगठन चरित्र एकता

"छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज" एक सामाजिक संगठन है जो छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत मनवा कुर्मी क्षत्रिय समुदाय से संबंधित लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यह समाज मुख्य रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, और आर्थिक उन्नति के लिए कार्य करता है।

कुर्मी समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

कुर्मी एक प्रमुख कृषक जाति है, जिन्हें पारंपरिक रूप से कृषि कार्य में निपुण माना जाता है। "मनवा कुर्मी क्षत्रिय" इस समुदाय की एक उपशाखा है, जो अपने को क्षत्रिय परंपरा से जोड़ते हैं। इतिहास में कई कुर्मी वीरों का उल्लेख मिलता है जिन्होंने समाज और राष्ट्र के लिए योगदान दिया।

सामाजिक एकता और संगठन

समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर संगठित करना।

शिक्षा और जागरूकता

समाज के युवाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करना और सहायता प्रदान करना।

सांस्कृतिक संरक्षण

पारंपरिक रीति-रिवाजों, त्योहारों और संस्कृति को बढ़ावा देना।

विवाह मेलों का आयोजन

समाज के लोगों के बीच वैवाहिक समन्वय के लिए आयोजन।

सामुदायिक सहयोग

जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, जैसे चिकित्सा सहायता, रोजगार की जानकारी आदि।

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज एक सामाजिक संगठन है जो छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत मनवा कुर्मी क्षत्रिय समुदाय से संबंधित लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यह समाज मुख्य रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, और आर्थिक उन्नति के लिए कार्य करता है।

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