छात्रालय एवं धर्मशाला

हमारा समाज विगत 123 वर्षों से एक संगठित एवं गौरवशाली समाज है आपसी समझौते के तहत हम सब के द्वारा मिलकर इस संस्था को व्यापक और शक्तिशाली बनाया गया है। स्वतंत्रता आन्दोलन का दूसरा चरण चल रहा था, 1900 के बाद का काल था जब लोगों ने राष्ट्र को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करने के लिए जागृत करना शुरू कर दिया था। उसके लिए लोगों को शिक्षित करना आवश्यक था। आर्य समाज, राधा स्वामी पंथ, प्रणामी सम्प्रदाय ने रुढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ने वाले समाज सुधार कार्य प्रारंभ कर दिया था। सन् 1904 में पहली बार मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का संगठन मनवा मंडली धर्म निर्णय समाज के नाम से बना। कुर्मी समाज पर भी इन सब समाज सुधार के कार्यों एवं शिक्षा के प्रचार प्रसार के प्रति रूचि का बहुत प्रभाव पड़ा, गांव-गांव राष्ट्रीय जागरण की लहर चल पड़ी, ऐसी स्थिति में कुर्मी समाज के हितैषियों को चिन्ता हुई कि गांव के बच्चे रायपुर में कहां रहकर शिक्षा ग्रहण करेंगे ? रायपुर ही उन दिनों एक मात्र बड़ा नगर था। ऐसी स्थिति में सन् 1917 में बाबू परस राम बच्छिहा के तात्यापारा वाले मकान में छात्रालय जैसा माहौल बनाकर बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया गया।

सन् 1924 में दानवीर दाऊ भोला प्रसाद वर्मा जी के मन में एक सदविचार आया, उन्होने छुईखदान वाले राजा का विशाल बाड़ा खरीदकर समाज को दान कर दिया कुछ लोगों की समिति बनाई गयी। इस समिति में उस समय सेठ अनंत राम बच्छिहा, बाबू परस राम बच्छिहा, दाऊ डोमार सिंग, दाऊ सदाराम, दाऊ सहदेव प्रसाद, दाऊ प्रेमतीर्थ एवं दक्षिण भारतीय मुन्नुवार कुर्मी श्री सम्बैया जी थे। सन् 1927 में समाज ने दाऊ श्री भोला प्रसाद जी को उक्त दान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

छुई खदान बाड़ा की रजिस्ट्री 05.05.1930 को हुई जिसमें छत्तीसगढ़ कुर्मी क्षत्रिय संघ के लिए प्रदान करने की बात लिखी गई है उसमें एक हिस्सा छात्रालय एवं दूसरा हिस्सा धर्मशाला के लिए था। रजिस्ट्रेशन के समय ट्रस्ट कमेटी बनी उसमें श्री राय साहब माधो दाऊ (आमदी), श्री दाऊ नीलकण्ठ (खमतराई), श्री रामप्रसाद वकील (दुर्ग), श्री दाऊ भोला प्रसाद (गिरौद), श्री सम्बैया मुन्नुवार कुर्मी आउटर (बिलासपुर), बाबू परस राम बंछिहा (डिंडगा), डॉ. खूबचंद बघेल (पथरी), श्री अनंत राम बंछिहा (चंदखुरी) सम्मिलित थे।

 

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज एवं भोला कुर्मी क्षत्रिय छात्रालय एवं धर्मशाला ट्रस्ट कमेटी दोनों संस्थाओं के अधिनियम के अंतर्गत निष्पक्ष समाज सेवा करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत समाज के स्वजातीय बंधुओं के बहुप्रक्षित मांग को ध्यान में रखते हुए 25 वर्षों से बंद पड़ी छात्रालय एवं धर्मशाला को पुनः प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया। 02 अक्टूबर 2015 को छात्रालय उपसमिति का गठन किया गया वर्तमान में जिसके पदाधिकारी, छात्रालय प्रबंध समिति के प्रबंध समिति के संरक्षक-श्री खोड़स राम कश्यप जी (मनोनित ट्रस्टी मनवा कुर्मी केन्द्रीय अध्यक्ष), अध्यक्ष-इंजी. श्री मनोज वर्मा (अध्यक्ष ट्रस्ट), डॉ. शिव नायक (वरिष्ठ ट्रस्टी), एवं श्री ललित बघेल (कोषाध्यक्ष एवं सचिव) कु. आस्था वर्मा (प्रबंधक) एवं वकिल सुरेश चन्द्रवंशी (कानूनी सलाहकार, ट्रस्टी), इंजी. एल.आर. वर्मा (अध्यक्ष निर्माण समिति, ट्रस्टी), श्री मोरध्वज चन्द्राकर (ट्रस्टी), श्रीमती मुक्ता वर्मा (मनोनित ट्रस्टी)।

 

SHRI BHOLA KURMI CHHATRI CHHATRAYALAY AND DHARAMSHALA TRUST, TATYAPARA, RAIPUR (C.G.)
INCOME & EXPENDITURE ACCOUNT FOR THE YEAR ENDED 31ST MARCH, 2024
       
       
EXPENDITURE AMOUNT (Rs.) INCOME AMOUNT (Rs.)
To Revenue Expenses Incurred:   By Collections:  
Accounting Charges 6,000.00 Hostel fees 1,30,000.00
Advertisement Exps. 22,540.00 Mangal bhawan Rent 70,000.00
Annual Festival Exps. 9,415.00 By Other Incomes:  
Audit Fees 11,800.00 Interest on Fixed Deposit 6,99,225.00
Bank Charges 1,888.00 Saving Bank Interest 2,783.00
Cleaning Exps. 2,400.00 Interest on Autosweep-FDR 49,386.00
Depreciation 1,96,902.00 Accrued Interest on -FDR 3,01,322.00
Electrical Bills 52,310.00    
Legal Exps. 20,000.00    
Municipality Tax 24,936.00    
News Paper Exps. 1,876.00    
Office Exps. 16,242.00    
Repair & Maintenance Exps. 44,344.00    
Salary Exps. 3,46,758.00    
To Surplus during the year trfd. To General Fund 4,95,305.00    
TOTAL 12,52,716.00 TOTAL 12,52,716.00

 

 

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज एक सामाजिक संगठन है जो छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत मनवा कुर्मी क्षत्रिय समुदाय से संबंधित लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यह समाज मुख्य रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, और आर्थिक उन्नति के लिए कार्य करता है।

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